ईश्वर को सारथी बनाइए जीवन सार्थक हो जाएगा स्वामी- रामनारायण, श्री राम द्वारा में मनाई जन्माष्टमी

देवास। ईश्वर को सारथी बनाइए जीवन सार्थक हो जाएगा। जो व्यक्ति अपने जीवन रूपी रथ का सारथी ईश्वर को बनाता है वह हमेशा संसार रूपी रणभूमि में विजय रहता है। यह विचार श्री राम द्वारा में जन्माष्टमी के पर्व पर महंत स्वामी रामनारायण जी ने प्रकट किए।उन्होंने कहा कि कृष्ण ने हमें निष्काम कर्म करने का संदेश दिया है।हमें जीवन के प्रत्यक्ष क्षेत्र में निष्काम एवं सत्कर्म करते रहना चाहिए। जो व्यक्ति ईश्वर को साक्षी मानकर निष्पक्ष और निष्कपट काम करता है वह हमेशा सफल होता है, भले ही उसे कितना ही कष्ट आए लेकिन ईश्वर उसे हर संकट से बचा ले जाते हैं और अंत में वह सफल रहता है। श्री राम द्वारा में जन्माष्टमी पर्व के अवसर रामस्नेही सत्संग मंडल ने भजन कीर्तन किए गए। रामद्वारा में चातुर्मास सत्संग चल रहा है जिसके अंतर्गत अनेक धार्मिक आयोजन आयोजित किया जा रहे हैं। संत राम सुमिरन जी एवं बाल संत पुनीत राम जी ने भी निर्गुणी भजन प्रस्तुत किए। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया।
