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निगम आयुक्त की तानाशाही के खिलाफ भडक़े कर्मचारी, देवास नगर निगम में उबाल, वेतन रोका, अपमानित किया, सुविधाएं छीनीं सफाई व राजस्व कर्मचारियों ने जनप्रतिनिधियों को सौंपा चेतावनी भरा ज्ञापन, उग्र आंदोलन का अल्टीमेटम

देवास। नगर निगम देवास में निगम आयुक्त के कथित बयान को लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। सफाई और राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि बैठक के दौरान निगम आयुक्त ने कहा कि जिन लोगों पर 50 हजार रुपये से अधिक बकाया है, उनकी घर कचरा गाड़ी ले जाकर घर के बाहर पटक दो। कर्मचारियों ने इस बयान को अपमानजनक और अमर्यादित बताया है। कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम में लंबे समय से वेतन समय पर नहीं दिया जा रहा है। कई कर्मचारियों का वेतन रोका गया है और कुछ कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की फीस, बैंक की किश्तें और घरेलू खर्च प्रभावित हो रहे हैं।
सफाई कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें काम करने के लिए पर्याप्त उपकरण नहीं दिए जा रहे हैं। ठंड के मौसम में स्वेटर और जैकेट जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके बावजूद काम का दबाव लगातार बढ़ाया जा रहा है। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि संपत्ति कर शाखा के कर्मचारियों को मनमाने ढंग से निलंबित किया गया है। कर्मचारियों ने निलंबन वापस लेने और रोका गया वेतन तुरंत जारी करने की मांग की है।
आउटसोर्स कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लगे ड्राइवर और हेल्पर बिना भुगतान के काम कर रहे हैं। कर्मचारियों ने विधायक प्रतिनिधि, सत्ता पक्ष नेता, प्रतिपक्ष नेता और निगम सभापति को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि हर माह 1 से 5 तारीख के बीच वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए, कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो और लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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