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बेटी का जन्मदिन बना किसी मासूम की जिंदगी की उम्मीददेवास के समाजसेवी ने खुशी का पल बांटकर मानवता की सबसे खूबसूरत मिसाल पेश की

देवास। खुशियों के इस दौर में जब जन्मदिन के मौके पर केक, सजावट और दिखावे पर हजारों रुपये खर्च किए जाते हैं, देवास निवासी समाजसेवी विजय कटेसरिया ने अपनी बेटी के जन्मदिन को एक नई पहचान दी—खुशी नहीं, संवेदना का उत्सव। उन्होंने अपनी पुत्री चहक कटेसरिया के जन्मदिन की खुशियों को इंदौर की एक मासूम बच्ची के जीवन से जोडक़र समाज के सामने इंसानियत की मिसाल पेश की है। इंदौर की नन्ही अनिका शर्मा इन दिनों जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। वह एसएमए (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) टाइप-2 जैसी दुर्लभ और गंभीर बीमारी से पीड़ित है, जो धीरे-धीरे शरीर की ताकत छीन लेती है। डॉक्टरों के अनुसार अनिका को बचाने के लिए अमेरिका से विशेष इंजेक्शन मंगाना जरूरी है, जिसकी कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी राशि किसी एक परिवार के लिए सपना भर है, लेकिन हर सपने की तरह इसमें भी उम्मीद जिंदा है समाज की मदद।
जब यह दर्दभरी कहानी विजय कटेसरिया तक पहुंची, तो उन्होंने अपनी बेटी चहक के जन्मदिन को केवल व्यक्तिगत खुशी तक सीमित न रखने का निर्णय लिया। उन्होंने तय किया कि 18 जनवरी को बेटी के जन्मदिन पर होने वाला खर्च किसी मासूम की सांसों की रक्षा में लगाया जाएगा। इसी भावना के साथ उन्होंने 5100 रुपये की राशि फोन-पे के माध्यम से अनिका के इलाज के लिए दान की। विजय कटेसरिया कहते हैं, मेरी बेटी की मुस्कान तब सबसे सुंदर लगेगी, जब किसी और की जिंदगी बचाने में हमारी छोटी-सी कोशिश काम आए।
उनकी यह सोच केवल दान नहीं, बल्कि एक संदेश है खुशी बांटने से ही बढ़ती है। इस पहल ने पूरे शहर को भावुक कर दिया है। लोग कह रहे हैं कि यह केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि उस परिवार के लिए उम्मीद की रोशनी है, जो हर दिन अपनी बच्ची की सांसों के लिए संघर्ष कर रहा है। यह उदाहरण बताता है कि बड़ी रकम नहीं, बल्कि बड़ा दिल सबसे बड़ा सहारा बनता है। विजय कटेसरिया ने समाज के सभी नागरिकों और समाजसेवियों से अपील की है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करें, ताकि अनिका को नया जीवन मिल सके। उन्होंने कहा, अगर हर हाथ थोड़ा-थोड़ा साथ दे, तो कोई भी जंग असंभव नहीं होती। यह कहानी सिर्फ एक खबर नहीं यह इंसानियत की आवाज है, यह संवेदना की जीत है, और यह उम्मीद है कि हर जन्मदिन किसी जिंदगी का नया सवेरा बन सकता है।

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