मुक्तिधाम में ‘मौत से भी बदतर’ हालात! गंदगी-गीली लकड़ी पर भडक़े विधायक प्रतिनिधि, 15 दिन का अल्टीमेटम अब नहीं सुधरे तो सीधे सस्पेंशन की गाज, निरीक्षण में खुली निगम की पोल, अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील व्यवस्था में लापरवाही उजागर गैस शवदाह गृह के उपयोग बढ़ाने के सख्त निर्देश

अमित बागलीकर
देवास। शहर के सबसे संवेदनशील और आस्था से जुड़े स्थल मुक्तिधाम की बदहाल स्थिति ने एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई बार निरीक्षण और सुधार के दावों के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं, जिससे आमजन में भी नाराजगी का माहौल है। बुधवार को जब विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, भाजपा पार्षद धर्मेंद्रसिंह बेस, अजय पडियार और निलेश कहार निगम अधिकारियों की टीम के साथ मुक्तिधाम पहुंचे, तो वहां का नजारा देख सभी दंग रह गए। चारों ओर फैली गंदगी, अव्यवस्थित व्यवस्था और लापरवाही ने मौके पर ही अधिकारियों की कार्यशैली की पोल खोल दी।
मौके पर फूटा गुस्सा, दी सीधी चेतावनी
निरीक्षण के दौरान हालात देखकर विधायक प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। उन्होंने मुक्तिधाम प्रभारी हरेंद्र ठाकुर को सीधे सस्पेंड करने तक की चेतावनी दे डाली। मौजूद कर्मचारियों और दरोगा को सख्त लहजे में चेताते हुए कहा कि 15 दिन बाद फिर निरीक्षण होगा, और अगर तब भी यही हाल रहा तो तत्काल सस्पेंशन तय है।
गीली लकड़ी बनी बड़ी समस्या
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि शवदाह के लिए रखी लकड़ी गीली थी। ऐसे में अंतिम संस्कार जैसे अत्यंत संवेदनशील कार्य में बाधा आने की आशंका जताई गई। इस पर उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सूखी लकड़ी और कंडों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए, ताकि शोक संतप्त परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अधिकारियों की लगी क्लास
मौके पर मौजूद डिप्टी कमिश्नर सहित अन्य निगम अधिकारियों को भी जमकर फटकार लगाई गई। विधायक प्रतिनिधि ने दो टूक शब्दों में कहा कि मुक्तिधाम जैसी जगह पर किसी भी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि यह केवल एक जगह नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और अंतिम विदाई का स्थल है, जहां संवेदनशीलता और व्यवस्था दोनों अनिवार्य हैं।
गैस शवदाह गृह पर जोर
निरीक्षण के दौरान मुक्तिधाम में लगे गैस शवदाह गृह के उपयोग को बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।






