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15 लाख डकार गई फाइनेंस कंपनी….! ऑफिस पर ताला, मैनेजर लापता, जनसुनवाई में फूटा जमाकर्ताओं का गुस्सा

देवास। शहर के कैलादेवी क्षेत्र में संचालित रही एक निजी निवेश कंपनी पर करीब 15 लाख रुपये हड़पने का सनसनीखेज आरोप लगा है। ठगी का शिकार बने करीब 25 जमाकर्ता पहले पुलिस के दरवाजे पहुंचे, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर मंगलवार को कलेक्टर की जनसुनवाई में अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे। मामला Fine Sight Agro Ltd. (आवेदन में फाइन गाईड एगो इंडिया प्रो कंपनी लिमिटेड का भी उल्लेख) से जुड़ा है। आरोप है कि कंपनी ने डेली कलेक्शन के नाम पर दुकानदारों और आम लोगों से रोजाना पैसे जमा करवाए और एक साल में ब्याज सहित रकम लौटाने का भरोसा दिलाया। शुरुआत में कुछ किश्तें दी गईं, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ा, लेकिन जून 2025 के बाद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया।
जो करना है कर लो, कहकर दी धमकी…!
जमाकर्ताओं का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी परिपक्व योजनाओं का पैसा मांगा तो कंपनी के मैनेजर प्रियंक जैन पिता देवेन्द्र कुमार जैन टालमटोल करते रहे। लगातार तारीखें दी जाती रहीं। जब पीडि़तों ने सख्ती दिखाई तो कथित रूप से जवाब मिला जो करना है कर लो, पैसा नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं, शिकायत करने पर अंजाम भुगतने की धमकी तक दी गई।
रातों-रात खाली हुआ ऑफिस
पीडि़तों के मुताबिक सितंबर माह में कैलादेवी स्थित कंपनी का दफ्तर बिना किसी सूचना के अचानक बंद कर दिया गया। जब निवेशक पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। आरोप है कि मैनेजर अपना सामान समेटकर ललितपुर चला गया और अब केवल फोन पर झूठे आश्वासन दे रहा है।
25 परिवारों पर संकट, 15 लाख फंसे
शिकायतकर्ताओं के अनुसार करीब 25 लोगों की कुल जमा राशि लगभग 15 लाख रुपये है। कई लोगों ने अपनी जीवनभर की बचत और व्यापार की पूंजी कंपनी में लगा दी थी। अब रकम फंसने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस के बाद कलेक्टर से गुहार
पीडि़तों का कहना है कि उन्होंने पहले भी पुलिस में आवेदन दिया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते वे कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आरोपी फरार हो सकता है। पुलिस ने आवेदन लेकर जांच शुरू करने की बात कही है। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर डेली कलेक्शन के नाम पर जमा हुए लाखों रुपये पीड़ितों को कब तक वापस मिल पाते है।

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