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5.26 करोड़ के भूमिपूजन में ‘मंत्री दर्जा’ अध्यक्ष OUT, शिलान्यास से नाम भी गायब…! सत्ता की कुर्सी पर बैठी अध्यक्ष को नजर अंदाज, विपक्ष को आमंत्रण

अमित बागलीकर
देवास।
सोनकच्छ क्षेत्र के हरनावदा अंतर्गत ग्राम कराडय़िा में 28 मार्च को 5 करोड़ 26 लाख रुपए की लागत से बनने वाले जनपद पंचायत भवन का भूमिपूजन तो हो गया, लेकिन इस आयोजन ने अब जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है।
मंत्री दर्जा वाली अध्यक्ष को ही नहीं बुलाया!
सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जिला पंचायत अध्यक्ष लीला भेरुलाल अटारिया, जिन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त है, उन्हें ही इस कार्यक्रम से पूरी तरह बाहर क्यों रखा गया? न निमंत्रण, न मंच पर स्थान और न ही शिलान्यास पट्ट पर नाम—यह सीधे-सीधे प्रोटोकॉल पर सवाल खड़ा करता है।
शिलान्यास पट्ट पर चयनात्मक सम्मान’?
भूमिपूजन के दौरान लगाए गए शिलान्यास पट्ट में अध्यक्ष का नाम नदारद रहा, जबकि विपक्ष से जुड़े नेताओं के नाम बाकायदा अंकित किए गए। इतना ही नहीं, उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित भी किया गया। अब तो यह स्थिति कई तरह के सियासी संकेत दे रही है।
अंदरखाने खींचतान या सुनियोजित साइडलाइन…?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि किसी अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा हो सकता है। जिस पद को प्रशासनिक और राजनीतिक रूप से अहम माना जाता है, उसे इस तरह नजर अंदाज करना कहीं न कहीं साइडलाइन करने की रणनीति की ओर इशारा करता है।
सवाल जो जवाब मांग रहे हैं -:
क्या यह केवल चूक है या जानबूझकर किया गया अपमान…?
क्या जिले में सत्ता पक्ष के भीतर ही खींचतान चल रही है…?
और आखिर विपक्ष को इतनी तवज्जो क्यों दी गई…?
चुप्पी गहरी, लेकिन सियासत गर्म
फिलहाल इस पूरे मामले में कोई भी जिम्मेदार खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन अंदरखाने नाराजगी साफ देखी जा रही है अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ‘मंत्री दर्जा’ वाली अध्यक्ष की यह अनदेखी क्या यूं ही दब जाएगी या आने वाले दिनों में यह मामला जिले की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा करेगा।

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