देवास में पेट्रोल पंपों पर खाद्य विभाग का जांच अभियान शुरू, मिलावट और कम मात्रा की शिकायतों पर कलेक्टर के निर्देश पर सख्ती मूलभूत सुविधाएं भी जांच के दायरे में

देवास। प्रदेश में मिलावटी ईंधन की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए देवास में कलेक्टर ऋ तुराज सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग ने शहर के पेट्रोल पंपों पर सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। यह कार्रवाई उस राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान का हिस्सा है, जो हाल ही में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के वाहनों में मिलावटी ईंधन पाए जाने की घटनाओं के बाद शुरू किया गया है। देवास जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश अहिरवार के नेतृत्व में गठित टीम ने शहर के प्रमुख पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर पेट्रोल की गुणवत्ता और मात्रा की जांच की। टीम द्वारा मौके पर ही पेट्रोल के सैंपल लिए गए और आवश्यक उपकरणों से परीक्षण कर जांच की गई।
शिकायतों पर होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अहिरवार ने जानकारी देते हुए बताया कि कई उपभोक्ताओं द्वारा पेट्रोल में मिलावट और तय मात्रा से कम ईंधन देने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। यदि जांच में पंप संचालकों की लापरवाही पाई जाती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय और एयर पंप की उपलब्धता है या नहीं। जिन पंपों पर ये सुविधाएं नदारद पाई गईं, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं और शीघ्र सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
निरंतर चलेगा अभियान
खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जांच अभियान एक बार की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे नियमित रूप से जारी रखा जाएगा। विभाग का उद्देश्य उपभोक्ताओं को शुद्ध और तय मानकों पर आधारित ईंधन उपलब्ध कराना है, साथ ही पंपों पर बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि पेट्रोल पंपों पर नियमित निगरानी रखी जाए तो मिलावट जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

