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FIR पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा: मनीष चौधरी के नेतृत्व में देर रात तक सडक़ों पर डटे कार्यकर्ता, 48 घंटे का अल्टीमेटम देकर हटे कांग्रेसी, बोले न्याय नहीं मिला तो होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

देवास। देवास की सियासत मंगलवार को उस वक्त गरमा गई जब एनएसयूआई जिलाध्यक्ष श्रीकांत चौहान पर दर्ज एफआईआर के विरोध में कांग्रेस सडक़ों पर उतर आई। जिला अध्यक्ष मनीष चौधरी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ऐसा आक्रामक रुख अपनाया कि देर रात तक शहर का राजनीतिक पारा चढ़ा रहा। शाम 6 बजे उज्जैन रोड स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर शुरू हुआ धरना रात करीब 1 बजे तक जारी रहा। बड़ी संख्या में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में की गई करार दिया।
मनीष चौधरी पूरे आंदोलन के दौरान मोर्चा संभाले नजर आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मामला एक सामान्य वित्तीय विवाद का है, जिसे जानबूझकर आपराधिक रंग देकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और तत्काल न्याय की मांग की। मामला देवास बाईपास का है, जहां पुलिस ने श्रीकांत चौहान और छोटेलाल अहिरवार के खिलाफ कार रोकने और मारपीट के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किया है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
धरने के दौरान माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा, लेकिन मनीष चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ता संगठित रूप से डटे रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात रहा। देर रात सीएसपी सुमीत अग्रवाल ने कांग्रेस नेताओं को एसपी कार्यालय बुलाकर 48 घंटे में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त किया गया। धरना समाप्त करने से पहले मनीष चौधरी ने साफ चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इस मुद्दे को प्रदेश स्तर तक ले जाएगी और बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि देवास में कांग्रेस अब पूरी तरह एक्टिव मोड में है और मनीष चौधरी के नेतृत्व में पार्टी आक्रामक तेवरों के साथ विपक्ष की भूमिका निभा रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

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