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जितेंद्र सिंह गौड़ के समर्थन में उतरा राजपूत समाज, जिलाबदर कार्रवाई पर फूटा आक्रोश कलेक्टर कार्यालय पहुंचा प्रतिनिधिमंडल, कार्रवाई वापस नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

देवास। युवा नेता एवं समाजसेवी जितेंद्र सिंह गौड़ के विरुद्ध प्रस्तावित जिलाबदर की कार्रवाई को लेकर देवास में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्मा गया है। सर्व राजपूत समाज एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बुधवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। समाजजन ने इस कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताते हुए इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास करार दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने निर्णय वापस नहीं लिया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि जितेंद्र सिंह गौड़ लंबे समय से सामाजिक, धार्मिक और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। वर्तमान में वे जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी में संगठन महासचिव के रूप में कार्यरत हैं तथा पूर्व में युवक कांग्रेस एवं एनएसयूआई में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि युवाओं और छात्रों की आवाज बुलंद करने वाले व्यक्ति को अपराधी की तरह प्रस्तुत करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अवगत कराया कि गौड़ के खिलाफ पूर्व में दर्ज प्रकरण राजनीतिक दुर्भावना के चलते बनाए गए थे, जिनमें माननीय न्यायालय द्वारा उन्हें ससम्मान दोषमुक्त किया जा चुका है। इसके बावजूद उन्हीं मामलों को आधार बनाकर जिलाबदर की कार्यवाही किया जाना न्यायपालिका और लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के विपरीत बताया गया। समाजजनों ने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों पर मुखर होकर आवाज उठाने वाले नेतृत्व को दबाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों का हनन स्वीकार नहीं किया जाएगा और समाज अपने सम्मान के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस कार्रवाई से न केवल राजपूत समाज बल्कि सर्वसमाज के युवाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। समाज के पदाधिकारियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जिलाबदर नोटिस तत्काल निरस्त करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय वापस नहीं लिया गया तो लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन का वाचन अनिल सिकरवार एवं संजय सिंह ठाकुर ने किया।

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