कृपालु के बप्पा के दरबार में सिख, महाराष्ट्र एवं सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने की आरती, मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाफले और चावल की प्रसादी का देर रात तक चला दौर

देवास। संस्था कृपालु परिवार द्वारा आयोजित 11 दिवसीय ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ सेवा आयोजन में भक्ति के साथ सामाजिक समरसता और मालवा के स्वाद का संगम देखने को मिल रहा है। गणेश उत्सव के चौथे दिन कृपालु के बप्पा के दरबार में सिख समाज, महाराष्ट्र समाज एवं सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने पहुंचकर भगवान श्री गणेश की संगीतमय आरती में सहभागिता की। आरती के दौरान गणपति बप्पा के जयकारों से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा। आरती पश्चात श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से आयोजित भोजन प्रसादी ग्रहण की। चौथे दिन विशेष रूप से मालवा के प्रसिद्ध दाल-बाफले और चावल की प्रसादी परोसी गई। गर्मागर्म दाल-बाफले का स्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात तक जुटी रही। सिख, महाराष्ट्र और सिंधी समाज के पदाधिकारियों की सहभागिता ने गणेश उत्सव को सामाजिक एकता और भाईचारे का रंग भी दिया। अलग-अलग समाजों के लोगों ने एक साथ बप्पा की आरती की और फिर एक साथ प्रसादी परोसने के बाद प्रसादी ग्रहण की। कृपालु के बप्पा की भक्ति, सेवा की भावना और मालवा के स्वाद ने आयोजन को खास बना दिया। सुमेर सिंह दरबार एवं कृपालु के बप्पा परिवार की ओर से आयोजित इस 11 दिवसीय आयोजन में प्रतिदिन संगीतमय आरती के साथ अलग अलग पकवानों के भोजन प्रसादी का आयोजन किया जा रहा है। उक्त जानकारी संस्था के अखिलेश पवार ने दी।






