तिरंगा यात्रा में मधुमक्खियों का हमला, एक दर्जन से अधिक भाजपाई घायल, डीजे की तेज आवाज से भड़की मधुमक्खियां, रालामंडल के पास मची अफरा-तफरी; कई घायल अस्पताल पहुंचे, एक की हालत गंभीर

देवास। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत शुक्रवार को भाजपा देवास ग्रामीण मंडल द्वारा निकाली जा रही तिरंगा यात्रा उस समय अफरा-तफरी में बदल गई, जब रालामंडल के समीप अचानक हजारों मधुमक्खियों ने यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि डीजे की तेज आवाज के कारण पेड़ों पर मौजूद मधुमक्खियां भड़क गईं और देखते ही देखते लोगों पर टूट पड़ीं। मधुमक्खियों के हमले में एक दर्जन से अधिक भाजपा कार्यकर्ता घायल हुए हैं। कुछ घायलों को जिला अस्पताल देवास लाया गया, जहां एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं कई घायलों का उपचार विजयागंज मंडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया, जबकि कुछ को उपचार के लिए उज्जैन ले जाया गया।

जानकारी के अनुसार तिरंगा यात्रा की शुरुआत विजयागंज मंडी से हुई थी। यात्रा कई गांवों से होकर रालामंडल पहुंची और यहां से निष्कलंकेश्वर मंदिर की ओर रवाना हो रही थी। इसी दौरान रास्ते में पेड़ों के पास से यात्रा गुजरते समय डीजे की तेज आवाज के बीच अचानक मधुमक्खियों का झुंड भड़क गया। कुछ ही क्षणों में मधुमक्खियों ने यात्रा में शामिल लोगों पर हमला शुरू कर दिया।
सिंगल रोड होने से भागने की भी नहीं मिली जगह
अचानक हुए हमले से यात्रा में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सिंगल रोड होने के कारण लोगों को बचकर निकलने की जगह तक नहीं मिली। मधुमक्खियों से बचने के लिए कई लोग सड़क छोड़कर सोयाबीन के खेतों में जा घुसे। खेतों में पानी और कीचड़ होने के कारण कई लोग भागते समय गिरते-पड़ते नजर आए। इस दौरान विजेंद्र सिंह पटलावदा, रिंकू सहित एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ता मधुमक्खियों के डंक से घायल हो गए। भाजपा के वरिष्ठ नेता भारत सिंह पटलावदा ने बताया कि यात्रा शांतिपूर्वक चल रही थी और निष्कलंकेश्वर मंदिर में इसका समापन होना था। रालामंडल से आगे बढ़ते समय अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। घटना के बाद तत्काल घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा गया।
अस्पताल पहुंचे भाजपा नेता
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला अस्पताल में भाजपा नेता जुगनू गोस्वामी, हितेंद्र सिंह बना सहित अन्य भाजपा नेता पहुंचे और इमरजेंसी वार्ड में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। घटना के बाद कुछ समय के लिए तिरंगा यात्रा में अफरा-तफरी का माहौल रहा।







