पुढचा वर्षी लवकर या की गूंज के साथ बप्पा को दी भावभीनी विदाई , महाराष्ट्र समाज में 12 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन, लेजीम और भजनों के साथ निकली विसर्जन शोभायात्रा; उत्कृष्ट सेवा और स्पर्धाओं के विजेताओं का हुआ सम्मान

देवास। महाराष्ट्र समाज देवास में 12 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन गणपति बप्पा के विसर्जन के साथ हुआ। शुक्रवार 25 सितंबर शाम 6 बजे समाज अध्यक्ष दीपक कर्पे ने अनिल बेलापुरकर गुरुजी के निर्देशन में पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद गणपति बप्पा मोरया, पुढचा वर्षी लवकर या के जयघोष के साथ विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा समाज परिसर से शुरू होकर मीरा बावड़ी, शनि मंदिर, तहसील चौराहा और नावेल्टी चौराहा होते हुए वापस समाज पहुंची। इसमें समाज के सैकड़ों सदस्य शामिल हुए। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लेजीम और भजनों के साथ बप्पा को विदाई दी। विसर्जन के बाद झोकरकर सभागृह में आभार सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में अध्यक्ष दीपक कर्पे ने कहा कि समाजजनों के सहयोग से 12 दिवसीय गणेशोत्सव अविस्मरणीय रहा। नई टीम के जुड़ने से इस वर्ष कई नए उपक्रम किए गए। उन्होंने कहा कि नए युवा साथी समाज से जुड़ेंगे तो समाज का विकास और तेजी से होगा। न्यास के शीलनाथ आरस ने समाज की आय बढ़ाने को लेकर सुझाव दिए। साथ ही माता-पिता की स्मृति में समाज कार्य के लिए 21 हजार रुपए भेंट किए। कार्यक्रम में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर भाग्यश्री मुंशी और सदस्यों ने संपूर्ण वंदे मातरम गान प्रस्तुत किया। इसके बाद क्रीड़ा स्पर्धा, आनंद मेला, कराओके और रंगोली स्पर्धा के विजेताओं के साथ आयोजन में विशेष सहयोग करने वाले सदस्यों, निर्णायकों और कार्यकर्ताओं का प्रमाण-पत्र, स्मृति चिन्ह व उपहार देकर सम्मान किया। महाराष्ट्र समाज के प्रवक्ता अमित बागलीकर ने बताया कि पूरे गणेशोत्सव में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। सचिव भूषण अत्रे ने आभार माना और संचालन उज्ज्वला व्यास ने किया। रात्रि महाप्रसादी के साथ गणेशोत्सव का समापन हुआ।







