कोटवार की मुनादी से गांव-गांव पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश, कन्नौद पुलिस ने साइबर ठगी से बचाव के लिए शुरू किया अनूठा जागरूकता अभियान

देवास। साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के लिए देवास पुलिस द्वारा ‘साइबर सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के तहत अनूठी पहल की जा रही है। डीजीपी के निर्देश एवं पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के मार्गदर्शन में कन्नौद थाना क्षेत्र में साइबर जागरूकता रथ के साथ अब गांव-गांव कोटवारों द्वारा मुनादी कर लोगों को साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक किया जा रहा है। थाना प्रभारी तहजीब काजी ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों तक जागरूकता पहुंचाने के लिए पारंपरिक मुनादी व्यवस्था का सहारा लिया गया है, जिससे हर गांव तक पुलिस का संदेश आसानी से पहुंच सके। अभियान के तहत बस स्टैंड, बाजार, चौपाल और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को बताया जा रहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाता, ATM कार्ड, UPI PIN, CVV या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साथ ही किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और लालच भरे ऑफर या फर्जी कॉल के झांसे में आने से बचने की सलाह दी जा रही है।

टीआई तहजीब काजी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दे। समय पर शिकायत करने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि पुलिस का उद्देश्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि पहले से लोगों को जागरूक कर साइबर अपराधों को रोकना है। इसी सोच के साथ पहली बार कोटवारों को इस अभियान से जोड़ा गया है, ताकि गांव-गांव तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंच सके। अब इसमे खास बात यह है की जो कोटवार पहले सरकारी घोषणाएं करते थे, अब वही गांव-गांव जाकर लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बता रहे हैं। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराध रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।






