800 से 1200 रुपये की मासिक पेंशन पर फूटा गुस्सा, सांसद कार्यालय पहुंचकर गरजे पेंशनर, 12 साल से मांगें अधूरी, बोले- अब सिर्फ आश्वासन नहीं, सम्मानजनक पेंशन चाहिए

देवास। महंगाई की मार और 800 से 1200 रुपये की मासिक पेंशन से परेशान ईपीएस-1995 पेंशनरों का गुस्सा शनिवार को देवास में फूट पड़ा। मध्य प्रदेश औद्योगिक पेंशनर संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में पेंशनर देवास-शाजापुर सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी वर्षों पुरानी मांगों का ज्ञापन सौंपा। पेंशनरों ने कहा कि वर्तमान में मिलने वाली 800 से 1200 रुपये की पेंशन से दो वक्त की रोटी, दवा और घर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनकी पेंशन वर्षों से जस की तस बनी हुई है। उनका कहना था कि पिछले 12 वर्षों से लगातार सरकार और जनप्रतिनिधियों के सामने न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग रखी जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने पेंशनरों की बात गंभीरता से सुनी और भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे को लोकसभा में प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि श्रम मंत्री से चर्चा करेंगे और आवश्यकता पड़ी तो प्रधानमंत्री से भी मिलकर पेंशनरों की मांगों को रखेंगे। सांसद ने कहा कि इस लड़ाई में वह अंतिम समय तक पेंशनरों के साथ खड़े रहेंगे। वहीं सांसद के आश्वासन के बावजूद कई पेंशनरों में नाराजगी साफ दिखाई दी। उनका कहना था कि 2019 निकल गया, 2024 भी बीत गया, लेकिन पेंशन नहीं बढ़ी। अब अगर फिर केवल आश्वासन मिला तो 2029 में इसका जवाब दिया जाएगा। पेंशनर संघ ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही ईपीएस-1995 पेंशन में सम्मानजनक वृद्धि नहीं की गई तो देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।





