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पांच माह बाद निगम की बैठक, सवालों की बौछार शहर विकास पर महापौर-सभापति के जवाब ने चौंकाया!एमजी रोड पर पार्षदों ने घेरा निगम प्रशासन, पौधारोपण और ठेकेदारों को लेकर भी तीखे सवाल

देवास। करीब पांच माह के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में सवालों की बौछार रही। वंदे मातरम के गायन और नवनियुक्त एल्डरमैनों के स्वागत के बाद जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ, पार्षदों ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली से लेकर शहर के विकास तक कई मुद्दों पर निगम प्रशासन को घेरा। स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष धर्मेंद्रसिंह बैस ने शुरुआत में ही आयुक्त से कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं। पार्षद मनीष सेन ने छुट्टी वाले दिन अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा फोन नहीं उठाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऐसे में पार्षदों को वार्ड की जनता को जवाब देना मुश्किल हो जाता है।
नगर निगम परिषद का साधारण सम्मिलन सोमवार 17 अगस्त को परिषद अध्यक्ष रवि जैन की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम से हुई। इसके बाद नवनियुक्त एल्डरमेनों अर्जुन चौधरी, राजेश यादव, सचिन सोनी, हरीश देवलिया, प्रिया शर्मा, चेतन योगी, दिनेश साखला और संतोष वर्मा का नेता सत्तापक्ष मनीष सेन एवं नेता प्रतिपक्ष अहिल्या पवार ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। बैठक में विभिन्न विषयों पर चर्चा के बाद कई प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इनमें पिछली परिषद बैठक के कार्यवृत्त की पुष्टि, विद्युत व्यय कम करने के लिए अर्बन कैप्टिव सोलर प्रोजेक्ट, शहर में जलप्रदाय का आईएचपी से अनुबंध समाप्त करने, वार्ड 23 कालानीबाग ए सेक्टर स्थित उद्यान का नाम डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने तथा वार्ड 40 में मां अहिल्या की प्रतिमा स्थापित करने सहित अन्य विषय शामिल रहे।
पौधों की हरियाली पर भी राजनीति का आरोप!
पार्षद बाली घोसी ने शहर में चल रहे पौधारोपण को लेकर अपने वार्ड के साथ पक्षपात का आरोप लगाया। सभापति रवि जैन ने जल्द पौधारोपण और ट्री-गार्ड लगाने का भरोसा दिया। वहीं अजय तोमर ने पौधारोपण में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई।
जनता को जवाब हमें देना पड़ता है, आप विकास में भागीदारी नहीं निभाते
परिषद की बैठक में महिला पार्षद खुशबू निलेश वर्मा ने निगम के किराये पर चल रहे वाहनों को लेकर कई सवाल उठाए। उनके सवालों पर संबंधित अधिकारी गोलमोल जवाब देते नजर आए। वहीं माता टेकरी मार्ग पर मटन की दुकान संचालित होने पर भी पार्षद खुशबु निलेश वर्मा ने नाराजगी जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। इस पर सभापति रवि जैन ने संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। बैठक के दौरान पार्षद वर्मा अधिकारियों को बार-बार यह कहते नजर आईं कि जनता को जवाब हमें देना पड़ता है, लेकिन आप शहर के विकास में भागीदारी निभाने में अपनी भूमिका नहीं निभाते। उनके इस सवाल पर बैठक में कुछ देर माहौल भी गरमाया।
सांसद प्रतिनिधि की एंट्री, पानी से लेकर प्रतिमा और आंबेडकर भवन तक सवाल
नगर निगम परिषद की बैठक में पहली बार सांसद प्रतिनिधि शंभु अग्रवाल ने हिस्सा लेते हुए तीन अहम मुद्दे उठाए। उन्होंने सांसद की ओर से क्षिप्रा डेम से मांगलिया को पानी दिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। इसके साथ ही देवास जूनियर के तत्कालीन महाराज मल्हारराव पवार की प्रतिमा स्थापित करने और स्टेशन रोड स्थित जीर्ण-शीर्ण आंबेडकर भवन के लिए सांसद निधि से राशि स्वीकृत होने के बावजूद अब तक टेंडर जारी नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया। सांसद प्रतिनिधि ने संबंधित कार्यों में तेजी लाने की मांग करते हुए परिषद के सामने साफ किया कि स्वीकृति के बाद भी काम अटकना अब सवालों के घेरे में है।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
प्रश्नकाल के दौरान पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याओं के साथ निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। एमआईसी सदस्य धर्मेंद्रसिंह बैस ने अधिकारियों द्वारा चुने हुए जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर काम नहीं करने का मुद्दा उठाया और वार्डों में सफाई मित्रों की संख्या बढ़ाने की मांग की। पार्षदों ने बिजली व्यवस्था, पौधारोपण, ट्री-गार्ड, आउटसोर्स कर्मचारियों, सडक़ निर्माण, नजूल एनओसी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े सवाल रखे। पार्षद बाली घोसी ने पिछले तीन वर्षों में हुए पौधारोपण और उनके वार्ड में प्रस्तावित पौधारोपण की जानकारी मांगी। एमआईसी सदस्य शीतल गेहलोत ने पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड की व्यवस्था करने का सुझाव दिया। सभापति रवि जैन ने संबंधित विभाग को ट्री-गार्ड के लिए निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए।
एमजी रोड पर फिर घेरा निगम प्रशासन
बैठक में एमजी रोड का मुद्दा प्रमुखता से उठा। नेता सत्तापक्ष मनीष सेन ने कहा कि एमजी रोड के व्यापारियों ने निर्माण के लिए काफी त्याग किया है, इसलिए उनके हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्य की गति और पूर्ण होने की समयसीमा की जानकारी मांगी। पार्षद अजय तोमर ने भी निर्माण कार्य में देरी और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस पर निगम आयुक्त दलीप कुमार ने बताया कि एमजी रोड पर चार एजेंसियां कार्य कर रही हैं और 15 दिसंबर 2026 तक पूरे निर्माण कार्य को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। तोमर ने कहा कि कई ठेकेदार काम तो ले लेते हैं, लेकिन समय पर काम शुरू नहीं करते। जनता पार्षदों से जवाब मांगती है, जबकि ठेकेदार पुराने भुगतान का हवाला देते हैं। इससे शहर के विकास कार्य प्रभावित होते हैं।
बारिश में सडक़ और मुरम का मुद्दा
पार्षदों ने बारिश के कारण सडक़ों पर बने गड्ढों को भरने और जिन क्षेत्रों में पक्की सडक़ें नहीं हैं वहां मुरम व चूरी डलवाने की मांग की। सभापति ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अन्य वार्डों में भी आवश्यकता के अनुसार मुरम-चूरी की व्यवस्था करने के लिए निविदा आमंत्रित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पार्षदों ने एबी रोड किनारे सब्जी मंडी और ठेलों से होने वाली परेशानी, आंगनवाड़ी केंद्र, आउटसोर्स सफाई मित्रों की संख्या बढ़ाने, रेस्टोरेशन कार्य, निगम के किराये के वाहनों, यूनिक पोल पर प्रचार-प्रसार के खर्च सहित कई मुद्दे उठाए।
देरी से पहुंचे श्याम पटेल, जमीन पर बैठने पर आपत्ति
बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद श्याम पटेल करीब पौने घंटे की देरी से परिषद कक्ष में पहुंचे और आते ही जुते उतारकर जमीन पर बैठ गए। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई और इसे लेकर नाराजगी व्यक्त की। कुछ देर के लिए बैठक का माहौल गरमा गया।

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शहर विकास की योजना पर महापौर और सभापति के जवाब
बैठक के अंत में शहर के विकास को लेकर जब महापौर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि शहर विकास को लेकर ऐसा कोई विषय नहीं था, इसलिए परिषद में नहीं रखा गया। वहीं इसी सवाल पर सभापति रवि जैन ने कहा कि सबसे मेन मुद्दे की बात तो अब आप पूछ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर विकास के लिए मेयर इन काउंसिल की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया। सभापति के अनुसार एक प्रस्ताव जरूर आया था, लेकिन वह भोपाल से देवास के लिए प्रस्तावित मैगा सोलर प्रोजेक्ट से संबंधित था।
महापौर के अनुसार शहर विकास को लेकर कोई विषय परिषद में नहीं आया, जबकि सभापति ने एमआईसी से शहर विकास का प्रस्ताव नहीं आने की बात कही। ऐसे में पांच माह बाद हुई परिषद की बैठक में शहर के बड़े विकास कार्यों की ठोस योजना सामने नहीं आने का मुद्दा चर्चा में रहा। बैठक में वार्डों की समस्याओं से लेकर एमजी रोड, पौधारोपण, सडक़, सफाई और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली तक कई मुद्दे उठे, लेकिन बैठक के अंत में शहर के समग्र विकास की आगामी योजना को लेकर सवाल बरकरार रहा। अंत में राष्ट्रगान के साथ परिषद का सम्मिलन समाप्त हुआ। सचिव देवबाला पिपलोनिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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