किसानों को राहत देने वाला मंडी सचिव ए.के. परिहार का निर्णय, 13 मार्च के अवकाश के बदले द्वितीय शनिवार 14 मार्च को भी होगा नीलामी….!

देवास। कृषि उपज मंडी समिति देवास ने किसानों की सुविधा और व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से एक सराहनीय और व्यावहारिक निर्णय लिया है। मंडी सचिव ए.के. परिहार के नेतृत्व में मंडी प्रशासन ने व्यापारी, हम्माल और तुलावटी संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए 13 मार्च को अवकाश रखने तथा उसके बदले 14 मार्च (द्वितीय शनिवार) को मंडी में घोष विक्रय (नीलामी कार्य) चालू रखने का निर्णय लिया है। इस निर्णय को किसानों और व्यापारियों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम माना जा रहा है। मंडी प्रशासन के अनुसार 13 मार्च को बड़ा रोजा और रमजान माह का जुमा होने के कारण श्री केदारेश्वर हम्माल यूनियन द्वारा अवकाश रखने का अनुरोध किया गया था। प्रारंभ में कार्यालय द्वारा 14 मार्च को द्वितीय शनिवार का अवकाश होने के कारण इस मांग को अमान्य कर दिया गया था, लेकिन बाद में अनाज व्यापारी संघ और हम्माल यूनियन के पदाधिकारियों ने आपसी समन्वय बनाते हुए मंडी प्रशासन को प्रस्ताव दिया कि 13 मार्च को अवकाश रखा जाए और इसके बदले 14 मार्च को नीलामी कार्य जारी रखा जाए।

मंडी सचिव ए.के. परिहार ने सभी पक्षों की भावनाओं और किसानों तथा हम्मलो की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह संतुलित निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की उपज के क्रय-विक्रय में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए मंडी प्रशासन हमेशा तत्पर रहता है। इसी भावना के तहत मंडी में 14 मार्च को पूर्ण रूप से घोष विक्रय (नीलामी कार्य) संचालित किया जाएगा, ताकि किसान अपनी उपज लेकर आ सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंडी प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस निर्णय की जानकारी कलेक्टर देवास, म.प्र. राज्य कृषि विपणन बोर्ड भोपाल, संयुक्त संचालक विपणन बोर्ड उज्जैन, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सहित संबंधित विभागों और संगठनों को भी भेज दी गई है। व्यापारी और हम्माल संगठनों के पदाधिकारियों ने मंडी सचिव के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह फैसला सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। इससे जहां धार्मिक भावनाओं का सम्मान हुआ है, वहीं किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए वैकल्पिक दिन उपलब्ध कराया गया है। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा लिया गया यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। अवकाश के कारण कई बार किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इस व्यवस्था से किसानों को राहत मिलेगी और मंडी की गतिविधियां भी निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। मंडी सचिव ए.के. परिहार ने सभी व्यापारी, हम्माल, तुलावटी और किसानों से अपील की है कि वे इस निर्णय से अवगत होकर 14 मार्च को मंडी में नीलामी कार्य में सहभागिता करें और व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग दें।






