सुंदरीकरण के नाम पर सडक़ों का सत्यानाश, एमजी रोड बना मुसीबत का अड्डा….!, करोड़ों का नाला या ‘भगवान भरोसे योजना…?

देवास। शहर को चमकाने और स्मार्ट बनाने के बड़े-बड़े दावे करने वाला नगर निगम अब खुद अपने ही कामों में फंसता नजर आ रहा है। एमजी रोड पर करोड़ों रुपए खर्च कर किए जा रहे चौड़ीकरण और सुंदरीकरण के काम ने अब जनता और व्यापारियों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि विकास कम और अव्यवस्था ज्यादा नजर आ रही है। गुरुवार को हालात उस वक्त बिगड़ गए जब एमजी रोड पर नाला निर्माण कर रहे ठेकेदार की मनमानी के खिलाफ भाजपा नेता और व्यापारी नरेंद्र सोलंकी ने मोर्चा खोल दिया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया और साफ शब्दों में कहा—ये विकास नहीं, बर्बादी है!
बिना नाप-जोख, मनमर्जी से काम जिम्मेदार गायब…!
आरोप है कि ठेकेदार बिना किसी तकनीकी मापदंड (मेजरमेंट) के ही नाला खोद रहा था। न कोई इंजीनियर मौके पर, न कोई जिम्मेदार अधिकारी—बस मजदूर और मशीनें अपनी मर्जी से खुदाई में जुटी हुई थीं।
व्यापारियों का कहना –
काम की गुणवत्ता बेहद घटिया है
किसी प्रकार की मॉनिटरिंग नहीं हो रही
ठेकेदार पूरी तरह बेलगाम हो चुका है
धीमी रफ्तार ने तोड़ी कमर, व्यापारियों का कारोबार ठप
एमजी रोड, जो शहर की लाइफलाइन मानी जाती है, आज खुद ही दम तोड़ती नजर आ रही है। खुदाई और अधूरे काम की वजह से ग्राहकों का आना कम हो गया, दुकानों के सामने गड्ढे और कीचड़, धूल-धक्कड़ से लोग परेशान है इसके साथ ही व्यापारियों का कहना है कि नगर निगम के इस सुंदरीकरण ने हमारा धंधा चौपट कर दिया है।
करोड़ों का नाला या ‘भगवान भरोसे योजना…?
जनता बैंक चौराहा से सयाजी द्वार तक बन रहे इस नाले पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन हालत देखकर लगता है जैसे इसे भगवान भरोसे छोड़ दिया गया हो। कहीं आधा-अधूरा काम, कहीं तोडफ़ोड़, तो कहीं बिना प्लानिंग के खुदाई—पूरा प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में है।






