देवास के पानी पर बवाल तेज रितेश त्रिपाठी का हल्लाबोल, पूर्व महापौर शरद पाचुनकर भी उतरे विरोध में

देवास। देवास के बैराज का पानी मांगलिया को देने के प्रस्ताव ने शहर में बड़ा सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। कांग्रेस नेता पंडित रितेश त्रिपाठी के नेतृत्व में शुरू हुआ हस्ताक्षर अभियान दूसरे दिन भी जोरदार तरीके से जारी रहा। बड़ी संख्या में नागरिकों ने पहुंचकर प्रस्ताव का विरोध किया और इसे तुरंत वापस लेने की मांग दोहराई।
देवास प्यासा, पानी बाहर कैसे? — रितेश त्रिपाठी
रितेश त्रिपाठी ने साफ कहा कि देवास शहर पहले से ही जल संकट झेल रहा है। कई इलाकों में गर्मी आते ही देवास के पानी का बैराज में स्टोर पानी की व्यवस्था कुछ ओर होनी चहिए जिससे पानी की किल्लत नही होगी ओर देवास निगम का स्वंय का बैराज दूसरे क्षेत्र को देना पूरी तरह गलत फैसला है। उन्होंने तीखे अंदाज में कहा कि अगर बैराज के खर्च या व्यवस्था की चिंता है तो देवास की जनता उसे वहन करने को तैयार है, लेकिन बैराज का उपयोग जल भंडाराण का बाहर नहीं जाने दिया जाएगा।
बैराज देवास का है, पहला हक भी देवास का
त्रिपाठी ने कहा कि शिप्रा आवर्धन योजना के तहत बना बैराज नगर निगम की संपत्ति है और उस पर सबसे पहला अधिकार देवास की जनता का है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस दबाव में यह फैसला लिया जा रहा है, जबकि शहर खुद पानी की कमी से जूझ रहा है।
एमजी रोड पर बढ़ा विरोध, माहौल हुआ गर्म
शुक्रवार को एमजी रोड पर भी हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जहां माहौल और ज्यादा गर्म हो गया। यहां नागरिकों और व्यापारियों ने खुलकर नाराजगी जताई और कहा कि देवास का पानी बाहर भेजना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं है।
पूर्व महापौर शरद पाचुनकर भी नाराज
इस विरोध में अब पूर्व महापौर शरद पाचुनकर भी उतर आए हैं। उन्होंने साफ कहा कि देवास के संसाधनों पर इस तरह का दबाव गलत है। उन्होंने सवाल उठाया कि शहर के हितों की अनदेखी कर यह निर्णय क्यों लिया जा रहा है। पाचुनकर ने कहा कि अपने कार्यकाल में भी उन्होंने हमेशा देवास के जल और विकास हितों को प्राथमिकता दी थी और किसी भी स्थिति में शहर का नुकसान नहीं होने दिया गया।
फैसला वापस लो, वरना आंदोलन और तेज होगा
रितेश त्रिपाठी ने चेतावनी दी कि जब तक प्रस्ताव वापस नहीं होगा, हस्ताक्षर अभियान शहर के हर वार्ड तक पहुंचेगा। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस सडक़ पर बड़ा आंदोलन भी करेगी।
जनता का एक सुर में विरोध
अभियान में शामिल लोगों ने कहा कि पहले देवास की पानी की जरूरतें पूरी की जाएं, उसके बाद ही किसी अन्य क्षेत्र पर विचार किया जाए। नागरिकों ने इस फैसले को अनुचित और जनविरोधी बताया। इस अभियान में मौजूद कल्याण सिंह पवार, प्रतीक शास्त्री, देवेंद्र बाबा, रितेश सांगते, गौरव राठौर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और शहरवासी शामिल रहे।






