भाजपा पार्षद प्रतिनिधि ने निगम के खर्चीले भ्रमण पर उठाए सवाल, आयुक्त को लिखा पत्र, बोले- जब अंबेडकर जयंती पर टेंट लगाने के पैसे नहीं थे, तो उदयपुर भ्रमण पर कैसे खर्च हो रही रकम?

देवास – नगर निगम में जनप्रतिनिधियों के उदयपुर प्रशिक्षण एवं भ्रमण को लेकर अब सियासी तकरार शुरू हो गई है। खास बात यह है कि सवाल विपक्ष ने नहीं, बल्कि भाजपा की ही पार्षद निधि प्रवीण वर्मा के प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा ने अपनी ही पार्टी के नेतृत्व वाली निगम व्यवस्था पर खड़े किए हैं। वार्ड क्रमांक 32 की पार्षद श्रीमती निधि प्रवीण वर्मा की ओर से निगम आयुक्त को लिखे पत्र में कहा गया है कि निगम की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने उदयपुर भ्रमण में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया। लेकिन अब पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण वर्मा ने सवाल उठाया है कि जब निगम के पास 14 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर जयंती के लिए टेंट और विद्युत सज्जा कराने तक के लिए पैसे नहीं थे, तो जनप्रतिनिधियों के प्रशिक्षण और भ्रमण पर राशि खर्च करने के लिए पैसे कहां से आ गए?


पत्र में मांग की गई है कि पार्षद के भ्रमण पर खर्च होने वाली राशि को उनके वार्ड के नूतन नगर स्थित डॉ. अंबेडकर उद्यान में होने वाले जयंती कार्यक्रम और अन्य विकास कार्यों पर खर्च किया जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि यदि यह राशि बाबा साहब डॉ. अंबेडकर से जुड़े कार्यों पर खर्च होती है तो उन्हें गर्व महसूस होगा। अब सवाल यह है कि निगम की खराब आर्थिक स्थिति का हवाला आखिर सिर्फ अंबेडकर जयंती जैसे आयोजनों और वार्ड विकास कार्यों के समय ही क्यों दिया जाता है? उदयपुर की यात्रा शुरू होते ही निगम की आर्थिक तंगी का संकट क्या अचानक दूर हो गया? भाजपा की पार्षद के प्रतिनिधि द्वारा अपनी ही पार्टी की निगम व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जाने से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष के हाथ भी अब निगम के उदयपुर प्रशिक्षण-भ्रमण के खर्च को लेकर एक नया मुद्दा लग गया है।





