29.73 करोड़ की 33 संपत्तियां! 1.93 करोड़ की आय, खर्च 12.95 करोड़ रुपयेसुबह 6 बजे से लोकायुक्त की छापेमारी, 21 बैंक खातों पर निकासी की रोक; पत्नी, मां और परिचितों के नाम संपत्तियों की जांच, अन्य लोगों और राजनीतिक संपर्कों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं

देवास। देवास में बध्ुावार सुबह छह बजे लोकायुक्त की संयुक्त टीमों ने देवास स्थित फिरोज खान के पेतृक निवास सहित 15 से अधिक स्थानों पर छापेमारी शुरू की और जांच आगे बढऩे के साथ करोड़ों रुपये की संपत्तियों के आंकड़े सामने आने लगे। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी), इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर हुई कार्रवाई में खबर लिखे जाने तक 33 अचल संपत्तियों का पता चलने की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत 29 करोड़ 73 लाख 18 हजार 768 रुपये आंकी गई है। वहीं, लोकायुक्त के प्रारंभिक आकलन में फिरोज खान की अनुमानित आय 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपये और चल-अचल संपत्तियों पर कुल खर्च 12 करोड़ 95 लाख 72 हजार 28 रुपये बताया गया है। यानी अनुमानित आय के मुकाबले खर्च में 11 करोड़ रुपये से अधिक का अंतर सामने आया है। कार्रवाई के दौरान करीब 21 बैंक खाते और नौ वाहनों से संबंधित दस्तावेज भी जांच के दायरे में आए हैं।
आय से करीब 11 करोड़ रुपये अधिक खर्च का आकलन
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के अनुसार, फिरोज खान की वेतन और अन्य स्रोतों से अनुमानित कुल आय करीब 1.93 करोड़ रुपये है। इसके मुकाबले चल-अचल संपत्तियों पर लगभग 12.95 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का आकलन किया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों के बीच 11 करोड़ 1 लाख 87 हजार 588 रुपये का अंतर सामने आया है। प्रारंभिक गणना में संपत्तियों पर हुआ खर्च अनुमानित आय का करीब 6.68 गुना बताया गया है। हालांकि, आय के स्रोतों, संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व और संबंधित लेन-देन की विस्तृत जांच अभी जारी है।
पत्नी, मां और परिचितों के नाम पर संपत्तियां
जांच में सामने आई संपत्तियां फिरोज खान, उनकी पत्नी, मां, परिचित रोशनी वर्मा और साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर बताई गई हैं। लोकायुक्त के अनुसार, कुछ संपत्तियों को बेनामी होने के संदेह में जांच के दायरे में लिया गया है। इसके अलावा साहिल ट्रेडिंग, रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, महाराजा रियल एस्टेट और ब्लैक हॉरनेट नाम की कंपनियों एवं फर्मों से जुड़े लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों में किसकी वास्तविक भूमिका रही है तथा इनके लिए धन कहां से आया।
21 बैंक खाते मिले, निकासी पर रोक
लोकायुक्त की कार्रवाई में देवास, इंदौर और उज्जैन के बैंकों में आरोपी पक्ष और उनसे संबंधित संस्थाओं के नाम पर करीब 21 बैंक खाते सामने आने की जानकारी दी गई है। इन खातों का विवरण जुटाया जा रहा है और खातों से राशि निकालने पर रोक लगाए जाने की बात सामने आई है। इसके साथ ही ट्रक, कार, स्कॉर्पियो, स्कूटी और मोटरसाइकिल सहित करीब नौ वाहनों से संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। बैंक खातों में जमा राशि, लेन-देन और वाहनों की खरीद के स्रोतों की जांच की जा रही है।
21.75 बीघा जमीन के सौदे की भी पड़ताल
जांच में सांवेर तहसील के ग्राम गुरान की करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़ा मामला भी सामने आया है। लोकायुक्त के अनुसार, इस जमीन को लेकर शिकायतकर्ता के परिवार में विवाद था। आरोप है कि विवाद के दौरान रोशनी वर्मा के नाम पर भूमि का पंजीकृत अनुबंध कराया गया। अब इस सौदे से जुड़े दस्तावेजों, धन के लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इस मामले में अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
सुबह 6 बजे से देवास और इंदौर में कार्रवाई
बुधवार, 14 अक्टूबर को सुबह छह बजे लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने देवास के आदर्श नगर स्थित आवास सहित विभिन्न ठिकानों पर सर्च कार्रवाई शुरू की। टीमों ने संपत्तियों, बैंक खातों, वाहनों और कारोबार से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की। कार्रवाई के दौरान सामने आए आंकड़े अब तक की जांच पर आधारित हैं। संपत्तियों के स्रोत, उनकी खरीद में इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित लोगों की भूमिका की पुष्टि के लिए दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।
क्या जांच के दायरे में और लोग भी आएंगे…..?
इस कार्रवाई के बीच मामले से जुड़े अन्य लोगों और राजनीतिक संपर्कों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के हवाले से कुछ अन्य लोगों के संभावित जुड़ाव की जानकारी दी जा रही है, लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। न ही उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी राजनीतिक व्यक्ति की संलिप्तता को प्रमाणित माना जा सकता है। ऐसे में जांच के आगे बढऩे के साथ यह स्पष्ट होगा कि कार्रवाई का दायरा केवल सामने आई संपत्तियों और कारोबारी लेन-देन तक सीमित रहता है या अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी विधिवत जांच की जाती है।
विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर
लोकायुक्त की इस कार्रवाई में सामने आई संपत्तियों का बाजार मूल्य, अनुमानित आय और खर्च के बीच का अंतर तथा बैंक खातों एवं कंपनियों से जुड़े लेन-देन जांच के प्रमुख बिंदु हैं। फिलहाल कार्रवाई में सामने आए तथ्यों की पुष्टि और दस्तावेजों का परीक्षण जारी है। संपत्तियों का वास्तविक स्वामित्व, धन के स्रोत और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।







