एसपी पुनीत गेहलोद की पुलिसिंग का असर, 1500 किमी दूर बिहार पहुंचकर साइबर ठग को दबोचा e-Zero FIR में देवास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 6.03 लाख की ठगी में 5 लाख नकद बरामद; तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंची पुलिस

देवास। साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और आरोपियों तक पहुंचने के लिए देवास पुलिस की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। बैंक अधिकारी बनकर पेंशन कार्ड अपडेट और टैक्स में छूट दिलाने का झांसा देकर एलआईसी के सेवानिवृत्त कर्मचारी से 6.03 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने बिहार के कटिहार जिले से 21 वर्षीय आरोपी सचिन कुमार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के घर की अलमारी से ठगी की रकम में से 5 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन में साइबर अपराधों पर कार्रवाई, ठगी की रकम की बरामदगी और अंतरराज्यीय गिरोहों का पता लगाने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के तहत यह कार्रवाई की गई। मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह वर्धमान के मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी।
तकनीकी साक्ष्यों से खुला ठगी का रास्ता
कोतवाली क्षेत्र निवासी 62 वर्षीय मनोहर लाल सिलोदिया, जो एलआईसी से सेवानिवृत्त हैं, को अज्ञात साइबर ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर पेंशन कार्ड अपडेट कराने और टैक्स में छूट दिलाने का झांसा दिया था। इस तरह उनसे कुल 6 लाख 3 हजार रुपए की ठगी की गई। शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 565/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम ने बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। जांच के आधार पर पुलिस बिहार के कटिहार जिले पहुंची और आरोपी सचिन कुमार पिता उमेश पासवान, निवासी खुदनारुपसपुर, थाना रौतारा को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर उसके घर की अलमारी से 5 लाख रुपए नकद जब्त किए गए।
जामतारा के नेटवर्क से जुड़े तार
पुलिस के अनुसार, आरोपी से पूछताछ और विवेचना में साइबर ठगी गिरोह के मुख्य सरगनाओं के तार झारखंड के जामतारा से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, ठगी की शेष राशि और नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है।
ई-जीरो एफआईआर में 26 आरोपी गिरफ्तार
देवास पुलिस के अनुसार, जिले में अब तक कुल 130 द्गर्-ंद्गह्म्श स्नढ्ढक्र दर्ज की गई हैं। इन मामलों में 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर कुल 98 लाख 52 हजार 614 रुपए की राशि जब्त की गई है। वहीं, ऑपरेशन साइबर के तहत 1 नवंबर 2024 से 13 अक्टूबर 2026 तक साइबर ठगी के मामलों में कुल 3 करोड़ 89 लाख 28 हजार 622 रुपए पीड़ितों को वापस करवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 5 करोड़ 27 लाख 16 हजार 769 रुपए की राशि होल्ड करवाई गई है, जिसे वैधानिक प्रक्रिया के बाद संबंधित आवेदकों को लौटाया जाना है।
कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया, उपनिरीक्षक सचिन सोनगरा, उपनिरीक्षक डीके त्यागी, प्रधान आरक्षक मनोज पटेल, रवि गरोड़ा, अर्पित श्रीवास्तव, आरक्षक सुजीत, अभिषेक पंवार, मनीष राजपूत, अनिल, महिला आरक्षक नेहा ठाकुर तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सचिन चौहान, शिवप्रताप सिंह सेंगर और महिला आरक्षक निशा पाटोरिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तकनीकी जांच, विशेष टीम के गठन और दूसरे राज्य तक पहुंचकर कार्रवाई करने के इस मामले में देवास पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ अपनी सक्रियता दिखाई है।






