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शंकरगढ़ की ऊंची पहाड़ियों तक पहुंचा पानी, हरित क्रांति को मिली नई उड़ान, नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार के चार महीने के सतत प्रयासों से हिल टॉप से बायोडायवर्सिटी पहाड़ी तक पहुंचा जल, 9 हजार पौधों को मिलेगा जीवनदान

देवास। शंकरगढ़ की पहाड़ियों को हरा-भरा बनाने की दिशा में देवास नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण और लगातार चार महीने के प्रयासों के बाद अब शंकरगढ़ के हिल टॉप से बायोडायवर्सिटी क्षेत्र के ऊपर स्थित ऊंची पहाड़ी तक पानी पहुंचा दिया गया है। यह उपलब्धि उन पौधों के संरक्षण की दिशा में अहम कदम है, जिन्हें इस वर्ष नगर निगम द्वारा शंकरगढ़ की पहाड़ियों पर रोपा गया है। शंकरगढ़ की ऊंची पहाड़ियों पर पौधरोपण करना जितना चुनौतीपूर्ण था, उतना ही कठिन वहां नियमित पानी पहुंचाने का इंतजाम करना भी था। नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार के प्रयासों से इस चुनौती को पूरा किया गया। बालगढ़ से पानी को लिफ्ट कर शंकरगढ़ के हिल टॉप तक पहुंचाया गया। इसके बाद वहां बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराकर अतिरिक्त मोटर स्थापित की गई, जिससे पानी को पहाड़ी के विभिन्न हिस्सों से होते हुए बायोडायवर्सिटी क्षेत्र की ऊंचाई तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। इस पूरी प्रक्रिया में तकनीकी चुनौतियों के साथ लगातार मेहनत, बेहतर समन्वय और मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत थी। नगर निगम की टीम ने इन चुनौतियों के बीच काम करते हुए पानी को उन ऊंचे स्थानों तक पहुंचाया, जहां लगाए गए पौधों को जीवित रखने और उनके विकास के लिए पानी की नियमित उपलब्धता बेहद जरूरी है।

9 हजार पौधों को मिलेगा संजीवनी का सहारा

इस वर्ष शंकरगढ़ की पहाड़ियों पर लगाए गए 9 हजार पौधों की देखभाल के लिए पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऊंचाई तक जल पहुंचने से पौधों की सिंचाई और उनके संरक्षण को मजबूती मिलेगी। यह पहल केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों को विकसित कर शंकरगढ़ को हरियाली से समृद्ध बनाने की दिशा में भी अहम कदम है।

हरित शंकरगढ़ के संकल्प को मिली मजबूती

नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार के पर्यावरण के प्रति समर्पण और निरंतर प्रयासों की ग्रीन आर्मी ने सराहना करते हुए उनका और नगर निगम की पूरी टीम का आभार व्यक्त किया है। इस कार्य में योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और सहयोगियों के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया। शंकरगढ़ की ऊंची पहाड़ियों तक पानी पहुंचना इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प और लगातार प्रयासों से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। अब उम्मीद है कि नियमित सिंचाई और देखभाल से यहां लगाए गए पौधे विकसित होकर शंकरगढ़ को हरियाली की नई पहचान देंगे।

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