भाजपा की परिषद, भाजपा की सरकार फिर मोदी विरोधी शायरों पर मेहरबान क्यों…?, विवादित बयानों के आरोपों से घिरे शायरों को देवास में मुशायरे का न्योता, सियासी गलियारों में सवाल— किसकी पसंद पर भारी पड़ा पार्टी का विचार?

देवास। देवास नगर निगम द्वारा 31 तारीख को होने वाले मुशायरे को लेकर अब सियासी सवालों की सरगर्मी तेज होने लगी है। शहर में सवाल उठ रहा है कि जब नगर निगम में भाजपा की परिषद है, महापौर भाजपा के हैं, विधायक और सांसद भी भाजपा के हैं और प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है, तो फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोपों से जुड़े दो शायरों को मुशायरे में आमंत्रित करने की जरूरत आखिर क्यों पड़ी? मामला सिर्फ शायरों को मंच देने का नहीं, बल्कि न्योते के पीछे की सोच और चयन की जिम्मेदारी का भी है। जिन शायरों के बयानों को लेकर विवाद की चर्चा है, उन्हें देवास के मंच पर बुलाने का फैसला किस स्तर पर हुआ? क्या नगर निगम ने उनके पुराने बयानों की पड़ताल की थी या फिर सांस्कृतिक आयोजन के नाम पर राजनीतिक सवालों को नजरअंदाज कर दिया गया…?

अखिर अब इस मुशावरे में बुलाने का चयन किसका
जब भाजपा अपने राजनीतिक मंचों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विचारधारा की बात करती है, तब उसी पार्टी की परिषद के आयोजन में ऐसे विवादों से जुड़े नामों को जगह मिलने पर सवाल उठना लाजिमी है। ऐसे मेइनको बुलाने की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिन्होने इनको बुलाया क्या उन्हें इस चयन की जानकारी थी यदि थी, तो ऐसे नामों पर सहमति क्यों बनी और यदि जानकारी नहीं थी, तो आयोजन की निगरानी किसके जिम्मे थी?
मुशायरा साहित्य का मंच या सियासी असहजता का कारण…?
नगर निगम के सांस्कृतिक आयोजन का उद्देश्य साहित्य और अदब को बढ़ावा देना होना चाहिए, लेकिन विवादित बयानों के आरोपों से जुड़े नामों को न्योता दिए जाने से आयोजन की चर्चा साहित्य से ज्यादा सियासत के इर्द-गिर्द घूमने लगी है। सवाल यह भी है कि क्या स्थानीय और दूसरे प्रतिष्ठित शायरों के बीच इन नामों को शामिल करना जरूरी था? अब नगर निगम को साफ करना चाहिए कि इन शायरों का चयन किसने किया, चयन के क्या आधार थे और इसमें किसकी क्या भूमिका रही। आखिर भाजपा की परिषद में यह फैसला किसकी पसंद पर हुआ—और क्या इस पर पार्टी के जिम्मेदार नेताओं से जवाब मांगा जाएगा। फिलहाल, इन सवालों पर नगर निगम का पक्ष सामने आना बाकी है। हालॉकि यह वीडियो सोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है जिसकी पुष्टि समाचार लाइन नहीं करता है ।





