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नाले पर खड़ा कर दिया सामुदायिक भवन, सिर के ऊपर 11 केवी लाइन… आखिर किसके भरोसे ग्रामीणों की जान…?, बारिश में घरों तक भर रहा गंदा पानी, दूसरी जनसुनवाई में भी नहीं मिला समाधान, सांसद निधि से हुए निर्माण पर उठे सवाल

देवास। बागली तहसील के ग्राम नयापुरा में विकास कार्य अब ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं बल्कि मुसीबत बन गए हैं। गांव के नाले पर दो-दो सामुदायिक भवनों का निर्माण कर दिए जाने से बरसात के दिनों में पानी की निकासी पूरी तरह प्रभावित हो रही है। नतीजतन नाला चोक होने से गंदा पानी और कीचड़ आसपास के घरों तक पहुंच रहा है। इतना ही नहीं, सामुदायिक भवन के ठीक ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इन समस्याओं को लेकर ग्राम नयापुरा निवासी पुष्पा लिलोरिया ने दूसरी बार कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि इससे पहले भी ग्राम पंचायत, सीएम हेल्पलाइन और 30 जून की जनसुनवाई में आवेदन दिया था, लेकिन आज तक किसी भी जिम्मेदार विभाग ने मौके पर पहुंचकर समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि नाले पर निर्माण होने से बरसात में पानी का बहाव रुक जाता है। इससे घरों के सामने जलभराव, कीचड़ और बदबू की स्थिति बन जाती है। गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। सबसे गंभीर बात यह है कि सामुदायिक भवन के ऊपर से 11 केवी हाईटेंशन लाइन गुजर रही है, जो सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े कर रही है। भवन में होने वाले सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रहती है, ऐसे में किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि सांसद निधि से बने सामुदायिक भवन का निर्माण आखिर नाले के ऊपर किस तकनीकी स्वीकृति और किस नियम के तहत किया गया? यदि निर्माण कार्य में सुरक्षा और जल निकासी के मापदंडों की अनदेखी हुई है तो इसकी जांच होना चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि दो-दो बार जनसुनवाई में शिकायत करने के बाद भी यदि समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो फिर जनसुनवाई का उद्देश्य क्या रह जाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर नाले की सफाई एवं निकासी व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए, हाईटेंशन लाइन से जुड़े खतरे को दूर किया जाए तथा निर्माण कार्य में यदि कोई अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसी पर भी कार्रवाई की जाए।

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